साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष ॐ काला भैरू, कपिला केश। https://elagabalusk665fuj3.prublogger.com/38410408/the-single-best-strategy-to-use-for-energy-healing