डरते क्यों हो पागल तुम्हारी ही तो हूँ।। खुद में झांकने के लिए जिगर चाहिए, दुसरों की शिनाख्त में तो हर शख्स माहिर होता है। अंदाजे से ना नापिये किसी की हस्ती को..ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे होते हैं इस शहर की हवा तक हमारे खिलाफ नहीं चल सकता, दोस्ती https://hindi-shayari-best96061.sasugawiki.com/5743037/an_unbiased_view_of_kannada_quotes_images